हाथियों से नुकसान के बाद भी ग्रामीणों ने नन्हे शावक को बचाने में दिखाई उदारता…देखिए वीडियो

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जशपुर.13 सितंबर. (रमेश शर्मा)

  जशपुर जिले में तपकरा वन परिक्षेत्र मे समडमा गांव के समीप ईब नदी पार करते हुए 14 हाथियों के दल से बीछड़ने वाले नन्हे शावक को आज ग्रामीणों ने सकुशल बचा कर वन विभाग के कर्मचारियों को सौंप दिया.

ग्रामीणों की इस पहल के बाद वन मंडल अधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने नन्हे शावक को हाथियों के दल से मिलाने के प्रयास तेज कर दिऐ हैं.

वन मंडल अधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि तपकरा वन परिक्षेत्र में एक पखवाड़े से हाथियों व्दारा लगातार रिहायशी इलाकों में पहुंच कर किसानों की धान और मक्का फसल के साथ उनके घरों को भी नुकसान पहुंचाने के बावजूद ग्रामीणों ने वन्य प्राणियों के प्रति उदारता का परिचय दिया है.

श्री उपाध्याय ने बताया कि आज बीती रात लवाकेरा क्षेत्र का समडमा गांव में ईब नदी मे तेज बहाव के बावजूद 14 हाथियों का दल समीप के जंगल में जा पहुंचा था लेकिन हाथियों का नन्हा शावक नदी के दूसरे पार ही रह गया. नदी का तेज बहाव के कारण नन्हा शावक अपना दल से दूर हो गया था. नदी के दूसरी ओर पहुंचने के प्रयास में यह शावक जब पानी में बहने लगा तो उसको ग्रामीणों ने बाहर निकाल कर वन कर्मियों को सूचना दी थी. जिससे वन विभाग की टीम ने हाथी शावक को उसके दल से मिलवाने का प्रयास शुरू कर दिया है.

समडमा गांव में हाथी मित्रदल के सदस्य महेश राम का कहना था कि हाथियों व्दारा इस क्षेत्र में हमारी फसल और घरों को काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है लेकिन वन विभाग उन्हें मुआवजा राशि देकर भरपाई कर दे रहा है. ऐसे में शावक को बचाने से हाथी भी हम लोगों के प्रति अपना आक्रामक रुख नहीं करेंगे.

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