रायगढ़ / रायगढ़ रेलवे मोटरसाइकिल स्टैंड में सैकड़ों की संख्या में दो पहिया वाहन रखी जाती है। जिसमें जिले के ही नहीं प्रदेश भर के लोगों का आना जाना लगा रहता है। दरअसल बात यह है कि रेलवे विभाग द्वारा साइकिल स्टैंड ठेका द्वारा चलाया जाता है जिसमें हजारों की तादाद में रखे हुए बाइकों की किसी भी प्रकार की सुरक्षा इंतजाम नहीं है। ऐसे में इस भीषण गर्मी के समय में धूप भी काफी प्रचंड होती है आंधी तूफान आने के कारण पेड़ भी गिरने का डर बना रहता है। या फिर आगजनी की घटना हो सकती है।
लेकिन ठेकेदार द्वारा बाइकों की सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार की पहल नहीं की गई है। ऐसे में तो नुकसान केवल गाड़ी मालिकों की ही होती है।

गौरतलब हो कि ठेका कंपनी तो केवल पर्ची काटकर पैसा लेने के लिए ही वहां पर उपस्थित है रात के समय भी अगर साइकिल स्टैंड से दो पहिया वाहन की चोरी भी हो जाए, तो इससे उन्हें किसी भी प्रकार का सरोकार नहीं है। हर हाल में उपभोक्ता परेशान हैं। स्टैंड में अपनी गाड़ियों को रखने के लिए मजबूर हैं।

साइकिल स्टैंड सुबह से रात तक खुली रहती है जिसमें दिन भर लोगों का आना जाना लगा रहता है ठेका कंपनी रोजाना ही हजारों का मुनाफा कमाती है लेकिन वहां रखें गाड़ियों की सुरक्षा नहीं करती है।

ठेका कर्मचारियों का कहना है यहां सिर्फ बाइक रखने का ही पैसा लिया जाता है। अगर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है उसके जवाबदार बीमा कंपनी होगी ऐसे में हमेशा लोगों का बहस वहां के कामगार से होता रहता है।
बहरहाल ठेका कर्मचारी की मनमानी तो चरम सीमा पर चल ही रही है तथा रेलवे विभाग को भी इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। चाहे लाखों का नुकसान ही क्यों ना हो जाए।







