रायगढ़ जिस गाड़ी में घर-घर से कचरा उठाया जाता है, उसी पर मुख्यमंत्री के सुशासन तिहार का होर्डिंग लगाकर प्रचार! जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल, कार्रवाई की मांग
घरघोड़ा। नगर पंचायत घरघोड़ा की कार्यप्रणाली को लेकर एक तस्वीर सामने आई है, जिसने नगर प्रशासन की व्यवस्था और प्रचार के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीर में कचरा संग्रहण के लिए इस्तेमाल होने वाली गाड़ी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन तिहार 2026’ का होर्डिंग लगा हुआ दिखाई दे रहा है। अब इस तस्वीर को लेकर नगरवासियों के बीच चर्चा और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब की मांग उठ सकती है।
कचरा वाहन पर मुख्यमंत्री का होर्डिंग, क्या यही है प्रचार का तरीका?
नगर पंचायत की कचरा संग्रहण गाड़ी का उपयोग आमतौर पर शहर की साफ-सफाई और घर-घर से कचरा उठाने के लिए किया जाता है। लेकिन सामने आई तस्वीर में इसी वाहन पर मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला प्रचार होर्डिंग लगाया गया है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी प्रचार सामग्री के लिए नगर पंचायत के कचरा वाहन का इस्तेमाल निर्धारित नियमों और प्रशासनिक गरिमा के अनुरूप किया गया है?
सरकारी योजनाओं और अभियानों का प्रचार जरूरी है, लेकिन प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले माध्यमों को लेकर भी प्रशासन से स्पष्टता अपेक्षित रहती है। मुख्यमंत्री के पद की गरिमा और सरकारी संसाधनों के उचित उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों पर संबंधित विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
‘सेवा’ के नाम पर प्रचार या व्यवस्था की अनदेखी?
नगर पंचायत के सफाई वाहनों पर अक्सर कचरा संग्रहण से संबंधित संदेश प्रसारित किए जाते हैं। ऐसे में जब उसी वाहन पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का होर्डिंग लगाया जाता है, तो इसके उद्देश्य और अनुमति को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
क्या नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस प्रचार व्यवस्था को मंजूरी दी थी? क्या इसके लिए कोई निर्धारित दिशा-निर्देश हैं? और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
इन सवालों का जवाब नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित विभाग से अपेक्षित है।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला फोटो सेशन तक सीमित रहेगा?
तस्वीर सामने आने के बाद अब देखना होगा कि नगर पंचायत घरघोड़ा के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं। क्या कचरा वाहन पर होर्डिंग लगाए जाने के संबंध में जांच की जाएगी? क्या प्रचार सामग्री लगाने की प्रक्रिया और खर्च की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी? या फिर यह मामला भी केवल तस्वीरों और प्रचार तक सीमित रह जाएगा?
नगरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों की जांच करेगा और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सवाल
क्या कचरा संग्रहण वाहन पर मुख्यमंत्री का होर्डिंग लगाने की अनुमति दी गई थी?
क्या सरकारी वाहन के इस उपयोग के लिए कोई निर्धारित नियम या दिशा-निर्देश हैं?
प्रचार सामग्री लगाने में होने वाले खर्च का भुगतान किस मद से किया गया?
यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं?
क्या नगर पंचायत प्रशासन इस मामले में जांच और स्पष्टीकरण जारी करेगा?









