पटवारियों के बाद अब पंचायत सचिवों का हल्लाबोल, गिरदावरी का भैतिक सत्यापन नहीं करने सचिव संघ ने जिला पंचायत सीईओ को सौंपा ज्ञापन, कहा- जबरन काम थोपा तो करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल
रायगढ़। जिले में खरीफ फसल की गिरदावरी का काम एक बड़े प्रशासनिक संकट में फंस गया है। समय की कमी और पीवी एप में आ रही दिक्कतों को लेकर पटवारियों की हड़ताल के बाद, प्रशासन ने यह जिम्मेदारी पंचायत सचिवों को सौंप दी। लेकिन अब प्रदेश पंचायत सचिव संघ (जिला रायगढ़) ने भी इस कार्य का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। सचिव संघ ने जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आधिकारिक ज्ञापन सौंपकर राजस्व विभाग के इस कार्य से मुक्त रखने का निवेदन किया है। तकनीकी ज्ञान का अभाव और त्रुटि की चेतावनी

सचिवों ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि गिरदावरी राजस्व विभाग का मूल कार्य है और सचिवों को खसरा-पंजी आदि की पूर्ण व तकनीकी जानकारी नहीं होती है। सचिवों के अनुसार, तकनीकी ज्ञान के अभाव में उनके माध्यम से इस कार्य को संपादित कराना व्यावहारिक कठिनाइयों से भरा हुआ है। सचिवों का कहना है कि वे गांव और किसानों को तो भली-भांति जानते हैं, लेकिन रकबा और खसरा की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उन पर जबरन दबाव बनाकर यह काम कराया जाता है और उसमें किसी प्रकार की त्रुटि होती है, तो इसके लिए वे बिल्कुल भी जिम्मेदार नहीं होंगे। इंद्रधनुष न्यूज से सचिव संघ के जिलाध्यक्ष लोकनाथ जेना ने बताया कि पंचायत सचिव पहले से ही अपने मूल विभाग के विभिन्न कर्तव्यों व दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं और समय-समय पर शासन के अन्य कार्यों को भी निभाते आ रहे हैं। उनका मानना है कि गिरदावरी जैसे शासन के अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य को उनके राजस्व मूल विभाग के अमले से ही कराया जाना उचित प्रतीत होता है। खसरों का भौतिक सत्यापन करना और उन्हें अपलोड करना व्यावहारिक रूप से असंभव लग रहा है। जिले में कुल 511 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन उनके मुकाबले केवल 480 पंचायत सचिव ही पदस्थ हैं। ऐसे में सचिवों के लिए गिरदावरी का यह बोझ उठाना संभव नहीं है। पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी के बाद, अब सचिव संघ ने भी दो-टूक कह दिया है कि यदि उन पर यह काम जबरन थोपा गया, तो वे भी धरना देंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसे लेकर सचिव संघ ने जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी है।









