स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल धौराभांठा में हुआ करिअर काउंसिलिंग कार्यक्रम
रायगढ़ 1 सिंतबर। रूटीन की पढ़ाई करने से एक विद्यार्थी एवरेज स्अूडेंट हो सकता है, कुछ बनना है तो पारंपरिक पढ़ाई या काम से हटकर कुछ नया करने की सोच होनी चाहिए। विद्यार्थियों में पढ़ाई के दौरान इससे आगे क्या की भूख होनी चाहिए। जब तक ऐसी भूख या ललक नहीं होगी कोई भी अपने जीवन में बहुत ऊपर नहीं जा सकता, सफलता पाने के लिए यह जरूरी है।

ये बातें मंगलवार को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल धौराभांठा में आयोजित करिअर काउंसिलिंग कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जेपीएल मांइस के सीईओ और प्रेसीडेंट ओमप्रकाश ने कही। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हर व्यक्ति सरकारी नौकरी की चाह रखता है, लेकिन सबको यह संभव नहीं है साथ ही सरकारी नौकरी में सीमाएं सीमित होती हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में पढ़े लिखे लोगों के लिए संभावनाएं बहुत होती है। प्राइवेट सेक्टर में इनोवेशन, टेक्नाॅलाॅजी का समावेश होता है, इन नई चीजों को जल्दी एडाॅप्ट कर लिया जाता है। श्री ओमप्रकाश ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल काम करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मैनेजमेंट भी आना चाहिए। उन्होंने नौकरी के साथ ही बिजनेस को भी प्राथमिकता देने की बात कही और बताया कि इसमें भी बहुत स्कोप हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासा का भी उत्तर देते हुए समाधान बताया। कार्यक्रम में स्कूल के प्राचार्य एसआर डनसेना, ग्राम पंचायत धौराभांठा के उपसरपंच यशपाल बेहरा, शाल्य समिति के अध्यक्ष विवेक बेहरा और सीएसआर के एजीएम राजेश रावत, प्रफुल्ल सत्पथी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
पहले से तय कर लें कि करना क्या है, वर्ना उलझ जाएंगे
सीईओ, प्रेसीडेंट ओमप्रकाश ने कहा कि बारहवीं के बाद क्या करना है यह पहले से तय कर लें क्योंकि वर्तमान समय में प्रतियोगिता बहुत बढ़ गई है। करिअर के लिए क्लैरिटी होना जरूरी है, अवेयर नहीं रहेंगे तो उलझ जाएंगे। उन्होंने कहा कि पैषन और इंटरेस्ट को ध्यान में रखकर करिअर का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मोटिवेट करने के लिए खुद के संघर्श और अब तक के करिअर की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि उस जमाने में माइनिंग क्षे़त्र में कम लोग जाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि कोई भी क्षेत्र माइनिंग से अछूता नहीं है।
एआई से लेकर आर्ट्स विशय तक की चर्चा
प्रेसीडेंट और सीईओ ओमप्रकाश ने अपने संबोधन में आर्टिफिषियर इंटेलीजेंस के महत्व को बताया तो कला विशय लेकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी उनके क्षेत्र की जानकारी दी। ओमप्रकाश ने कहा कि एआई में एक बार कोई वस्तु सर्च करो तो बार बार वह उसे आपको दिखाने लगता है, क्योंकि वह पढ़ लेता है कि आप क्या चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सपने बड़े देखो ऐसे सपने देखो कि घर परिवार वालों को भी विश्वास न हो, पड़ोसी तो हसेंगे ही तो अपने सपने को सच करके ऐसे लोगों को चुप कराओ।उन्होंने कहा कि कला के क्षेत्र में संभावनाएं असीमित है, आईएएस, आईपीएस लोग भी आर्ट्स विषय लेकर आगे बढ़ते हैं। लेखक, एंकर, स्क्रिप्ट राइटर, कहानीकार सब कला से ही बनते हैं, बस साहित्य में पकड़ अच्छी होनी चाहिए।









