spot_img
Friday, June 19, 2026

राष्ट्रीय पठन दिवस (National Reading Day) पर पुस्तकों के प्रति जागरूकता का संदेश

spot_img
Must Read

तमनार। ओ.पी. जिंदल स्कूल, सावित्री नगर, तमनार में पुस्तकालय विभाग द्वारा राष्ट्रीय पठन दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण तथा कक्षा तृतीय से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विशेष पठन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने अपनी पसंद की कहानी, प्रेरणादायक, जीवनी एवं अन्य ज्ञानवर्धक पुस्तकों का अध्ययन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पठन संस्कृति के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने बताया कि पुस्तकें ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं तथा नियमित अध्ययन से एकाग्रता, कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का विकास होता है।

राष्ट्रीय पठन दिवस के प्रचार-प्रसार एवं पुस्तकों के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से विद्यार्थियों ने आकर्षक ग्रीटिंग कार्ड भी तैयार किए। इन कार्डों के माध्यम से पढ़ने की आदत अपनाने तथा पुस्तकों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पठन दिवस शपथ ग्रहण कर नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने तथा दूसरों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

अपने संबोधन में विद्यालय के प्राचार्य राकेश शर्मा ने पुस्तक पठन एवं पुस्तकालय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र हैं; वे ज्ञान, संस्कार और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

वहीं विद्यालय के लाइब्रेरियन महेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों का रुझान मोबाइल फोन, वीडियो गेम तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इनके अत्यधिक उपयोग से शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे समय में पुस्तकों के अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें न केवल ज्ञान का भंडार हैं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों तथा रचनात्मक सोच के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना, पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाना तथा डिजिटल युग में पठन संस्कृति के महत्व को रेखांकित करना था। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों ने उत्साह, अनुशासन एवं सक्रिय सहभागिता का परिचय दिया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आज का पाठक, कल का नेता।

Latest News

धार्मिक आस्था के केंद्र हमारी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी हुई है :- लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया

आध्यात्मिक मूल्यों से ही होता है समाज का सशक्त निर्माण:-राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह भुईंयापानी में शिव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह...

More Articles Like This

error: Content is protected !!