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Tuesday, August 18, 2026

धार्मिक आस्था के केंद्र हमारी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी हुई है :- लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया

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आध्यात्मिक मूल्यों से ही होता है समाज का सशक्त निर्माण:-राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह

भुईंयापानी में शिव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए दोनों सांसद

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा क्षेत्र, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ

रायगढ़, 19 जून 2026/ रायगढ़ जिले के विकासखण्ड लैलूंगा अंतर्गत ग्राम भुईंयापानी में नवनिर्मित शिव मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैदिक आचार्यों के सान्निध्य में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना, हवन, यज्ञ और प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान सम्पन्न कराया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया एवं राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया सहित क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस धार्मिक अनुष्ठान की अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार ने की। उपस्थित सभी अतिथियों ने मंदिर में भगवान शिव का पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जिले की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। 

समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद  राधेश्याम राठिया ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि भुईंयापानी में शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा, भगवान शिव त्याग, तपस्या और कल्याण के प्रतीक हैं। इस मंदिर के निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा से गांव में आध्यात्मिक चेतना का नया संचार होगा। आने वाली पीढ़ियां यहां से संस्कार, धर्म और संस्कृति की प्रेरणा प्राप्त करेंगी। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और सद्भाव बढ़ाने का कार्य करते हैं। लोकसभा सांसद श्री राठिया ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी ग्रामीणों, मंदिर समिति और यजमान परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही ऐसे ऐतिहासिक कार्य संभव हो पाते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र के विकास और जनकल्याण की प्रार्थना की।

राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारत की पहचान उसकी आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से है। गांवों में ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा, प्राण-प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था को मूर्त रूप देने का पवित्र अवसर है। भगवान शिव की कृपा से यह मंदिर गांव के विकास, सुख-शांति और सामाजिक समरसता का केंद्र बनेगा। धर्म और संस्कृति हमें एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सेवा और सहयोग की भावना सिखाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सामाजिक एकता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सांसद सिंह ने कहा कि शिव की आराधना से जीवन में संयम, शक्ति और सकारात्मक सोच का विकास होता है तथा समाज में सद्भाव और भाईचारा मजबूत होता है।

एक पेड़ मां के नाम अभियान बना आकर्षण का केंद्र

प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान के समापन अवसर पर यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद महाप्रसाद एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर भक्तिभाव, उत्साह और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। यज्ञ स्थल में नारायण-देवकी, नारद-चंद्रकांति, विपिन-गणेशी, टिकेश्वर-पुष्पा, चंद्रशेखर-गंगा तथा मंगल यादव सहित यजमान परिवारों ने धार्मिक अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष लैलूंगा ज्योति भगत, आलोक ठाकुर, जतीन साव, संजय पटेल, सरपंच भुईंयापानी श्रीमती ललिता भगत, मंदिर समिति अध्यक्ष दुखीराम भगत, विजय शंकर पटनायक, रमेश होता, मनोज सतपथी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंच संचालन श्रीमती ललिता यादव एवं कान्हूराम गुप्ता ने किया।

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