माहवारी के दिनों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, 4 से 6 घंटे में पैड बदलेंः डाॅ. अर्चना

spot_img
Must Read

जिंदल पाॅवर में मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर वर्कशॉप का हुआ आयोजन

29 मई रायगढ़। मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान महिलाओं को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान 4 से 6 घंटे के बीच पैड्स को बदलना चाहिए, साथ ही अच्छी क्वालिटी के पैड का उपयोग करना चाहिए।

जिंदल थर्मल पाॅवर प्लांट तमनार में मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर आयोजित वर्कशॉप को संबोधित करते हुए गायनेकोलाॅजिस्ट डाॅ. अर्चना यादव ने उक्त बातें कहीं। डाॅ. यादव ने बताया कि पहले माहवारी के दौरान सेनिटरी पैड व टेम्पूल का उपयोग किया जाता था। ये पर्यावरण के लिए सही नहीं है, लेकिन अब बायो डिग्रेडिबल पैड का उपयोग बढ़ा है। डाॅ. अर्चना यादव ने बताया कि माहवारी के पांच दिनों में महिलाओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होेने स्वच्छता का उपाय बताते हुए कहा कि सेनिटरी या किसी

भी प्रकार के पेड का उपयोग करने से पहले अच्छी तरह से हैंडवाश करना चाहिए, सेनिटरी पैड को समय पर बदलना जरूरी है। उन्होंने बताया कि टैप्पून पैड का उपयोग अभी भारत में कम हो रहा है, लेकिन इस पैड का उपयोग करने वाली महिलाओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि प्रत्येक आठ घंटे के अंदर उसे बदल दें। उन्होंने बताया कि केमिकल युक्त पैड या सेंटेड पाउडर अथवा क्रीम का उपयोग बिल्कुल भी न करें। माहवारी के दौरान दर्द और रक्त स्त्राव अधिक हो तो डाॅक्टर को जरूर दिखाएं। प्लांट की महिला अधिकारी व कर्मचारियों ने सवाल किए डाॅ. अर्चना यादव ने उनके सवालों के जवाब दिए। इस वर्कशॉप से कंपनी की सिक्यूरिटी, हाउस कीपिंग सहित अन्य विभागों की महिलाओं को अच्छी जानकारी मिली।

मेंस्ट्रुअल कप का कर सकते हैं री यूज

डाॅ. अर्चना यादव ने बताया कि मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग एक से अधिक बार किया जा सकता है। कप को दो मिनट गर्म पानी में उबाल कर एक से अधिक बार उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स के दौरान वर्किंग अवर में कैसे आसानी से काम कर सकते हैं यह भी बताया।

 इसलिए मनाते हैं 28/5 को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस

डाॅ. अर्चना यादव ने बताया कि पीरियड्स की साइकिल 28 दिनों की होती है और ब्लिडिंग भी पांच दिनों तक चलता है, इसीलिए यूनिसेफ ने वर्श 2014 में 28 मई को ही मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, तब से यह दिन मनाया जाता है।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
Latest News

बाल संप्रेक्षण गृह के किशोरों को जिंदल द्वारा दिया जा रहा इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण…किशोर न्याय बोर्ड के मुख्य न्यायाधीश के आतिथ्य में शुरू हुई...

बाल संप्रेक्षण गृह के किशोरों को जिंदल द्वारा दिया जा रहा इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण किशोर न्याय बोर्ड के मुख्य न्यायाधीश...

More Articles Like This