spot_img
Thursday, July 2, 2026

नौकरी नही मिलने पर निराश यूवाओ खेती- किसानी के लिए ओपी ने प्रोत्साहित किया

spot_img
Must Read

मोर खेती के तहत केले की फसल के बारे में ओपी ने दी विस्तार से जानकारी

रायगढ़ :- एक साल पहले अपने खेतों में लगाए गए केले की फसल के बारे में विस्तार से जानकारी देने भाजपा नेता ओपी चौधरी आज प्रातः अपने खेत से लाइव हुए और प्रदेश के किसानो को एक बार फिर विस्तार से जानकारी दी l केले की फसल के अभिनव प्रयोग की जानकारी हेतु ओपी चौधरी सात बार लाइव हुए। केले की फसल के पहले बीज जमीन मिट्टी पानी की विस्तार से जानकारी साझा की ।आज प्रातः ओपी बायंग स्थित अपने खेत पहुंचे केले की फसल का जायजा लेते हुए कहा एक साल के दौरान केले की फसल लगाई केले के पेड़ बड़े हुए फसल भी अच्छी हुई। रायगढ़, पटेलपाली,स्थित मंडी सहित थोक विक्रेताओं को केला का विक्रय किया गया। स्थानीय लोगो जरूरत मन्दो के खाने एवम गीता भागवत धार्मिक आयोजनों सहित शादी विवाह के लिए भी पके हुए केले उपलब्ध कराये जाने की जानकारी भी दी।इस वर्ष केले की फसल अच्छी हुई एवम रेट अच्छे होने की वजह से लाभ भी अच्छा हुआ। गर्मी के जून महीने में तेज गर्मी की वजह से कुछ फसल प्रभावित भी हुई। लेकिन वर्षा ऋतु के आगमन के साथ तापमान में कमी आते हुए पौधो की फसलों की स्थिति में सुधार भी आया है। अगले मौसम में भी अच्छी फसल होने के साथ अच्छा मूल्य मिलने की संभावना भी जताई। आने वाले महीनों में रक्षा बंधन, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा,दीपावली तक पके हुए केलो की मांग ज्यादा रहेगी। केले के साथ साथ ऑरेंज ग्रीन यलो मलेशियन डार्फ नारियल लगाए जाने की जानकारी साझा करते हुए कहा तेज गर्मी के कुछ दिन डार्फ की फसल के लिए कष्टकारी माने जाते है। ऐसे मौसम में भी डार्फ की फसल अच्छी होने के प्रति ओपी आश्वस्त नजर आए। तीन फीट की ऊंचाई आते ही डार्फ की फसल को खुली आंखों से देखा जा सकता है। इस दौरान कार्य करने वाली बहनों से परिचय कराते हुए ओपी ने कहा रोजगार उपलब्ध कराने का अनुभव उनके लिए मायने रखता है। नारियल पेड़ो के मध्य चीकू का पेड़ लगाए जाने की जानकारी देते हुए कहा नारियल के फसलों के साथ चीकू भी अपनी स्थाई जगह बना लेगा दोनो की फसल पृथक पृथक रहेगी। केले की खेती के साथ साथ वर्मी कॉम्पोस्ट बनाए जाने की जानकारी देते हुए कहा केले के पत्ते के साथ साथ गोबर की परत एक दुसरे के ऊपर बिछाई जाती है । इस प्रक्रिया से वर्मी कंपोस्ट बनती रहती है। वर्मी कंपोस्ट में केचुआ भी होता है। तैयार कर्मी कंपोस्ट नारियल, केला,चीकू के पेड़ो में डाला जाता है जिससे समय पर ज्यादा पैदावार मिल सके। साथ साथ वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से जमीन भी उपजाऊ बनी रहे। ओपी ने कहा अथक परिश्रम के जरिए सरकारी नौकरी सभी को नही मिल पाती ऐसी स्थिति मे निराश होने के बजाय 4-5 एकड़ में उन्नत तरीके से खेती किसानी कर अच्छे से जीवन यापन किया जा सकता है। केले की खेती के जरिए भीं प्रदेश के किसानो को यही संदेश देने का प्रयास है।

Latest News

सत्यनारायण बाबाधाम की तपोस्थली से अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुए 9 श्रद्धालु, बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर दिखा अपार उत्साह

राज्यपाल महोदय ने हरी झंडी दिखाकर पहले जत्थे को किया रवाना रायगढ़। भगवान बाबा बर्फानी के पावन दर्शन के लिए...

More Articles Like This

error: Content is protected !!