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Friday, February 13, 2026

जेएसपी फाउण्डेशन, जेपीएल,तमनार की पहल, सुलभ हुई वर्षभर मशरूम की उपलब्धता

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तमनार- जेएसपी फाउण्डेशन, जेपीएल तमनार क्षेत्र में निवासरत ग्रामीण महिलाओं के स्थाई विकास एवं आर्थिक उन्नयन सुनिश्चित कर उन्हें उद्यमिता की ओर अग्रसर करने के लिए ’’स्वालम्बन परियोजना’’ का संचालन कर रही है। क्षेत्रीय ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी एवं स्वावलम्बी बनाने के लिए इन्हें स्व सहायता समूह के माध्यम से संगठित किया गया है तथा इनके सशक्तिकरण के लिए अनेेक उपाय व योजनाओं के साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। आज समूह की ये महिलाएॅ ’मशरूम उत्पादन’

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गतिविधी में संलग्न हो अपने व परिवार के समुचित विकास में सक्षम हो रही हैं। तमनार क्षेत्र की इन महिलाओं ने सिद्ध कर दिखाया कि ’कुछ कर गुजरने की चाह व हौसले बुलंद हो तो, कठिन से कठिन कार्य भी आसान हो जाता है।’ स्व सहायता समूह से जुड़ी ये महिलायें मशरूम उत्पादन कर अपने व परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही हैं। इन्होनें यह सिद्ध कर दिखाया कि मशरूम उत्पादन आयअर्जन का एक सशक्त माध्यम है, जहाॅ थोड़ी मेहनत व लगन से अत्यधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। ग्राम डोलेसरा की श्रीमती किरण पटेल कहती है कि- मैं कभी सोची भी नहीं थी कि मशरूम उत्पादन मेरे जीवन में नई दिशा लेकर आयेगी। इससे पहले मैं गृह कार्य निपटाने में ही अपना दिन व्यतीत करती थी। पिछले महिनों में मैनें 3.50 क्विंटल से ज्यादा मशरूम का उत्पादन कर 35000 रूपये आय

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अर्जित की। जिससे मेरे परिवार को धान खेती के अतिरिक्त अन्य माध्यमों से भी लाभ हो रहा है, जिससे परिवार की स्थिति बेहतर हुई है, मेरे बच्चों के अध्यापन कार्य में सहयोग मिल रहा है। वहीं ग्राम बांधापाली की श्रीमती धनमती नायक हॅसते हॅसते कहती है कि मशरूम उत्पादन आयअर्जन का सबसे बढ़िया माध्यम है। इसमें मेहनत के साथ लागत कम और लाभ ज्यादा है। ’’मैंने अनुभव किया है कि सब्जी खेती में मशरूम उत्पादन बेहतर विकल्प है। मैंने विगत तीन महीने में 05 क्विंटल मशरूम बेचकर 50000 रूपये लाभ कमाया है।’’ माइंस प्रक्षेत्र में स्थित ग्राम लिबरा के श्री गजानंद गुप्ता, जो कि 3.50 क्विंटल मशरूम उत्पादन कर 35000 रूपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है, कहते है कि ’’मैं परम्परागत रूप से सभी प्रकार की सब्जी भांजी की खेती कर चुका हुॅ पर मशरूम में जो मुनाफा है, वो किसी अन्य में नहीं।’’ इस खेती ने हमें आय अर्जन करने के नये विकल्प दिये हैं। आज रायगढ़, जशपुर एवं अम्बिकापुर जिले के लगभग 2000 किसान व स्व सहायता समूह की महिलाएॅ
मशरूम उत्पादन में संलग्न होकर अपने व परिवार की आर्थिक उन्नययन करने में सफल हुए हैं।
ऽ मशरूम उत्पादन ही क्यों- मशरूम सर्वाधिक पसंद की जाने वाली एक सर्वाधिक प्रोटीनयुक्त पौष्टिक सब्जी है। तमनार क्षेत्र का वातावरण जहाॅ पर्याप्त वर्षा एवं आर्दता है, जो कि मशरूम उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
ऽ मशरूम संसाधन केन्द्र – किसानों को प्रशिक्षण व तकनीकी सहायता के साथ साथ उच्च् गुणवत्तपूर्ण मशरूम बीज स्पाॅन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जेएसपी फाउण्डेशन द्वारा तमनार में मशरूम संसाधन केन्द्र की स्थापना की गई है। जहाॅ से किसान प्रशिक्षण व स्पाॅन ले सकते हैं। आज क्षेत्र के किसानों एवं समूह की महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण ’स्पान’ सहीं समय व कीमत पर आसानी से उपलब्ध हो रहीं है, जो कभी इसकी आपूर्ति के लिए उड़ीसा पर पूर्णतः आश्रित थे।

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