बाल संप्रेक्षण गृह के किशोरों को जिंदल द्वारा दिया जा रहा इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण…किशोर न्याय बोर्ड के मुख्य न्यायाधीश के आतिथ्य में शुरू हुई ट्रेनिंग 

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बाल संप्रेक्षण गृह के किशोरों को जिंदल द्वारा दिया जा रहा इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण

किशोर न्याय बोर्ड के मुख्य न्यायाधीश के आतिथ्य में शुरू हुई ट्रेनिंग 

रायगढ़। बाल संप्रेक्षण गृह के किशोरों का स्किल डेवलप करने के लिए इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण जिला प्रशासन के निर्देश पर जिंदल पाॅवर तमनार के जिंदल फाउंडेशन द्वारा मंगलवार को षुरू किया गया। तीन माह तक चलने वाले प्रशिक्षण का शुभारंभ किशोर न्यायबोर्ड के मुख्य न्यायाधीश देवाषीश ठाकुर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अरूण कुमार पांडेय ने की।

प्रषिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड देवाषीश ठाकुर ने कहा कि बाल संप्रेक्षण गृह में किशोरों को स्वस्थ वातावरण में रखा जा रहा है। प्रशिक्षण मकसद यह है कि जब वे बाल संप्रेक्षण गृह से वापस जाएं तों सीखकर जाएं ताकि भविश्य में काम आए। इलेक्ट्रीशियन की ट्रेनिंग प्रोफेशनल है, इसकी जरूरत हर जगह होती है। उन्होंने कहा कि कोई भी काम छोटा नहीं होता है, प्रशिक्षण के बाद अच्छा काम करेंगे तो लोग आपको काम के लिए बुलाएंगे ही। बेसिक सीख जाएंगे तो आगे काम ही आएगा। मुख्य न्यायाधीश देवाषीश ठाकुर ने कहा कि गलती हर किसी से हो जाती है, यहां से जब जाएं तो आगे अच्छा करने का प्लान करें और मन लगाकर प्रशिक्षण लें। डीपीओ महिला एवं बाल विकास विभाग अरूण पांडेय ने कहा कि समाजीकरण की प्रक्रिया में उतार चढ़ाव आता ही। कभी कभी ऐसी व्यवस्था बन जाती है कि व्यवस्था के प्रतिकूल कोई काम हा जाता है। बाल संप्रेक्षण गृह में जज साहब के दिशा निर्देश पर कार्य किया जाता है। पांडेय ने कहा कि यहां से जब जाएं तो आपका जीवन खुशहाल हो, व्यक्तित्व में सुधार हो और उनके व्यक्तित्व में बदलाव हो। इसी को ध्यान में रखकर बाल संरक्षण गृह काम कर रहा है। इसी कड़ी में जिंदल फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

तीन माह में अनुशासन के साथ सीखिए

जिंदल फाउंडेशन के ग्रुप सीएसआर हेड ऋषिकेश शर्मा ने कहा कि जिंदल फाउंडेशन द्वारा दिया जा रहा इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण आपके जीवन के लिए अच्छा अवसर होगा, सुधार के साथ सीखने को मिलेगा। ये एक ऐसा हुनर है कि सीखने के बाद कहीं भी स्वरोजगार कर सकते हैं। अच्छा अवसर है इस तीन माह में सब भूलकर अनुशासन के साथ सीखीए। उन्होंने कहा कि तीन माह के प्रशिक्षण के बाद सभी को टूलकिट भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक कार्य की ओर मन लगाएंगे तो आपके जीवन के लिए नया द्वार खुलेगा। कार्यक्रम में ओपीजे कम्यूनिटी काॅलेज के निदेशक जितेंद्र कुमार, मैनेजर सीएसआर शीतल पटेल, प्रशिक्षक दीलिप कुमार, अमित चौधरी आदि उपस्थित थे।

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