प्लांट से रायपुर भेजे जा रहे 38.900 टन लोहे में 5 टन की हेराफेरी का खुलासा, पूंजीपथरा पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, 5 लाख का लोहा बरामद
आरोपी ट्रक ड्रायवर ने गैरेज में काम करने वाले युवक के साथ मिलकर रची लोहे की हेराफेरी की साजिश
रायपुर पहुंचने से पहले ही ट्रक ड्रायवर ने गैरेज में छिपाने उतार दिए 5 टन लोहे के क्वायल, बेचने की फिराक में थे आरोपी, पुलिस ने किया बरामद
आरोपियों को आपराधिक न्यासभंग और आपराधिक षड्यंत्र के अपराध में भेजा गया रिमांड पर
रायगढ़, । एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में पूंजीपथरा पुलिस ने औद्योगिक संस्थान से रायपुर भेजे जा रहे 38.900 टन लोहे में से करीब 5 टन लोहे के क्वायल की सुनियोजित हेराफेरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। आरोपियों ने रास्ते में ट्रक से दो नग लोहे के क्वायल गिराकर उन्हें छिपा दिया था, जिन्हें बाद में बेचने की योजना थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही पर करीब 5 टन वजन के दो बंडल लोहे के क्वायल, जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये है, बरामद किए हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 22 सितंबर 2026 को चंद्रहासिनी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, गेरवानी के सेल्स एग्जीक्यूटिव अर्पित पाण्डेय (28 वर्ष) ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 09 सितंबर 2026 को प्लांट से पवन पुत्र ट्यूब्स, रायपुर के लिए वाहन क्रमांक CG10BS7041 में कुल 38.900 टन लोहा लोड कर रवाना किया गया था। दिनांक 11 सितंबर को वाहन चालक मुरली साहू रायपुर पहुंचा, जहां धर्मकांटा में वजन कराने पर करीब 5 टन माल कम पाया गया। इसके बाद वाहन चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। रिपोर्ट पर थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 253/2026 धारा 316(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में उप निरीक्षक दिलीप बेहरा द्वारा आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने 30 अक्टूबर को वाहन चालक मुरली साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि मुरली साहू ने अपने भाई चेतन साहू उर्फ रामजाने को उसका ड्राइविंग लाइसेंस एवं अन्य दस्तावेज उपयोग करने के लिए दिए थे। पुलिस ने अपराध में सहयोग करने और जानबूझकर दस्तावेज उपलब्ध कराने के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर मुरली साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इसके बाद पूंजीपथरा पुलिस ने कल 01 नवंबर को आरोपी चेतन साहू उर्फ रामजाने की पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि रायगढ़ में उसकी मुलाकात अजीत पेट्रोल पंप के पास हरिओम गैरेज की देखरेख करने वाले संतोष गुप्ता से हुई थी। दोनों ने मिलकर बाईपास रोड स्थित उबड़-खाबड़ रास्ते में ट्रक से लोहे के दो क्वायल गिराकर बाद में बेचने की योजना बनाई थी।
इसी योजना के तहत 09 सितंबर को चेतन साहू ने अपने भाई मुरली का लाइसेंस उपयोग कर चंद्रहासिनी प्लांट से निकले ट्रक से दोनों क्वायल गिरा दिए गए और संतोष गुप्ता ने उन्हें हरिओम गैरेज में छिपाकर रख दिया। चेतन साहू से मिली जानकारी पर पुलिस टीम ने तत्काल गैरेज में दबिश देकर संतोष गुप्ता को हिरासत में लिया। पूछताछ एवं मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने गैरेज से करीब 5 टन वजन के दो बंडल लोहे के क्वायल, कीमत लगभग 5 लाख रुपये, बरामद कर जप्त किए। प्रकरण में *संतोष कुमार गुप्ता (25 वर्ष), निवासी ग्राम गोरी, जिला रोहतास, बिहार, हाल मुकाम बाबाधाम बाईपास रोड दरोगामुड़ा, रायगढ़ तथा चेतन साहू उर्फ रामजाने (30 वर्ष), निवासी ग्राम देवरी, जिला रायपुर* को दिनांक 01 नवंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के सतत पर्यवेक्षण में इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक क्षितिज देवांगन, आरक्षक विनोद शर्मा, हेमसागर पटेल, आदिकंद प्रधान, सुरेन्द्र यादव एवं ओम प्रकाश तिवारी, सुरेश खुंटे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









