जूट बैग बनाकर आत्मनिर्भर हो रहीं टपरंगा की महिलाएं, सालाना 6 से 7 लाख कमा रहीं…जिंदल फाउंडेशन के सहयोग से कर रहीं आय अर्जन, लगातार बढ़ रही जूट बैग की मांग

spot_img
Must Read

रायगढ़ / ग्राम टपरंगा की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करते हुए प्लास्टिक बैग की जगह जूट बैग को प्राथमिकता देते हुए काम शुरू किया था। अब ये महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं। जूट बैग बेचकर ये महिलाएं साल भर में 6 से 7 लाख रूपए तक कमा रहीं हैं। इन महिलाओं के लिए जिंदल फाउंडेशन द्वारा एक नए भवन का निर्माण किया गया है, इस भवन का लोकार्पण ओपी जिंदल बाबूजी के जन्म दिन के अवसर पर किया गया।

जिंदल पावर द्वारा क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने व उनके आय अर्जन करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत टपरंगा की करीब पंद्रह महिलाओं को भी सक्षम बनाने के लिए करीब तीन साल पहले जिंदल फाउंडेशन द्वारा नाबार्ड से जूट बैग बनाने के लिए प्रशिक्षण दिलाया गया था। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने इसे रोजगार के रूप में अपनाया और खुद को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया। पहले ये महिलाएं ग्राम पंचायत द्वारा दिए गए छोटे से भवन में जूट बैग बनाने का काम करतीं थीं। महिलाओं के लिए भवन की जरूरत को देखते हुए जिंदल पावर के सीएसआर एक्टिविटि के तहत ग्राम पंचायत टपरंगा में ही नई बिल्डिंग का निर्माण कराया गया है। जिंदल फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को मशीनरी और राॅ मटेरियल उपलब्ध कराया गया था। इस अवसर पर गारे पेलमा 4/1 के वीपी विजय जैन ने कहा कि महिलाएं जूट बैग बनाकर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रहीं हैं, यह उनकी आय का बढ़िया जरिया बन रहा है। साथ ही वे पर्यावरण को भी संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं। उन्होंने अन्य लोगों को भी प्लास्टिक बैग की जगह जूट बैग का उपयोग करने की सलाह दी है। सीएसआर के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट ऋषिकेश शर्मा ने बताया कि महिलाओं की आय अर्जन करने के लिए जिंदल फाउंडेशन द्वारा 80 प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं, उन्होंने कहा कि जिंदल फाउंडेशन हमेशा इस प्रकार का काम करता रहेगा। संचालन करते हुए सीएसआर के एजीएम राजेश रावत ने कहा कि नया भवन बनने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा साथ ही उन्हें काम करने के लिए बेहतर माहौल भी मिलेगा। आभार प्रदर्शन ग्राम पंचायत टपरंगा की सरपंच सुकांति हेमसागर पैकरा ने किया। उन्होंने इस काम के लिए जिंदल पाॅवर की सराहना की। कार्यक्रम में पंच व ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

विभिन्न स्थानों से मिल रहा ऑर्डर

टपरंगा की लक्ष्य जूट बैग महिला स्व सहायता समूह न सिर्फ बैग ना रहा है, बल्कि उन्हें बेहतर बाजार भी मिल रहा है। वे खुद ही आय अर्जित करने के लिए एक्टिविटि करतीं हैं। उनके बनाए बैग जिंदल पाॅवर प्लांट, माइंस कार्यालय आदि में उपयोग किया जाता है। जीईटी को वेलकम किट भी इनके द्वारा बनाए गए जूट बैग में ही दिए जाते हैं। सीएसआर की अन्य गतिविधियों में भी लक्ष्य जूट बैग समूह से ही जूट बैग का उपयोग किया जाता है।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
Latest News

बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

सरिया के राहत शिविर में माताओं-बहनों, बुजुर्गों और बच्चों से मिलकर जाना हाल, कहा—हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी...

More Articles Like This