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Friday, July 31, 2026

नारी सम्मान पर सियासी विस्फोट: सवालों, आरोपों और आक्रोश के बीच केंद्र सरकार पर कांग्रेस का हमला

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जिला अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी और शाखा यादव ने किया प्रेस वार्ता

रायगढ़ 20 अप्रैल । महिला आरक्षण पर केन्द्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशा निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला कांग्रेस मुख्यालयों में पत्रकार वार्ता करने का कार्यक्रम रखा गया था । जिसमें आज रायगढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी व शहर अध्यक्ष शाखा यादव के नेतृत्व में पत्रकार वार्ता रखा गया था ।

जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार पर तीखा और आक्रोशपूर्ण हमला बोलते हुए कहा कि देश की महिलाएं अब सब कुछ देख और समझ रही हैं-कौन उनके सम्मान की बात करता है और कौन उसे ठेस पहुँचाता है। पार्टी का आरोप है कि सत्ता में बैठे लोग एक ओर “नारी शक्ति” की बातें करते हैं, तो दूसरी ओर सार्वजनिक मंचों से ऐसी भाषा और टिप्पणियाँ करते हैं जो महिलाओं के आत्मसम्मान को चोट पहुँचाती हैं। कांग्रेस ने कहा कि जब एक शीर्ष महिला नेता को “कांग्रेस की विधवा” कहा जाता है, जब एक विवाहित महिला के लिए “50 करोड़ की गर्लफ्रेंड” जैसी भाषा इस्तेमाल होती है, जब एक महिला सांसद की तुलना “शूर्पनखा” से की जाती है, जब एक महिला मुख्यमंत्री का मजाक उड़ाया जाता है, जब “मुजरे” जैसे शब्दों का चुनावी मंचों से इस्तेमाल होता है, और जब “मंगलसूत्र” और बेटियों को लेकर स्तरहीन बयान दिए जाते हैं—तो यह केवल राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि एक गहरी महिला-विरोधी मानसिकता का परिचायक है। कांग्रेस का कहना है कि देश की हर महिला इन बातों को याद रखती है और समझती है कि असल सम्मान क्या होता है।

शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने भी तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि जिनके दामन पर पहले से ही महिला उत्पीड़न और विवादित घटनाओं के आरोप लगे हों, वे आज महिला सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने प्रज्ज्वल रेवन्ना जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोहरा चरित्र अब छिपा नहीं है। पार्टी का कहना है कि महिला आरक्षण जैसे गंभीर और ऐतिहासिक विषय के पीछे भी राजनीतिक साजिश की बू आती है, और यह केवल अधिकार देने का नहीं बल्कि सत्ता के समीकरण बदलने का प्रयास प्रतीत होता है।

इतिहास का हवाला देते हुए कांग्रेस ने अपने योगदान को भी जोरदार तरीके से सामने रखा और कहा कि जब-जब महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने की बात आई, कांग्रेस ने रास्ता बनाया। देश की पहली महिला पार्टी अध्यक्ष, पहली महिला प्रधानमंत्री, पहली महिला मुख्यमंत्री, पहली महिला राष्ट्रपति, पहली महिला लोकसभा स्पीकर और पहली महिला जज ये सभी उदाहरण बताते हैं कि महिलाओं को शीर्ष तक पहुँचाने का काम किसने किया। इसके विपरीत, कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ संगठनों और पार्टियों में आज भी शीर्ष स्तर पर महिलाओं की भागीदारी नगण्य है, जो उनके वास्तविक दृष्टिकोण को उजागर कर दिया है।.

 प्रधानमंत्री के भाषणों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी जी ने 29 मिनट के संबोधन में 58 बार कांग्रेस का नाम लेना यह साबित करता है कि सरकार विपक्ष से घबराई हुई है और असली मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है। पार्टी ने इसे “डर का प्रमाण” बताते हुए कहा कि अगर सरकार के पास ठोस उपलब्धियाँ होतीं, तो उसे बार-बार विपक्ष का सहारा लेकर अपनी बात रखने की जरूरत नहीं पड़ती।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस ने सीधी चुनौती देते हुए कह अगर सरकार के इरादे साफ हैं, तो 543 लोकसभा सीटों पर तुरंत महिला आरक्षण लागू किया जाए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि इस पर पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा होगा, लेकिन देरी और शर्तों के पीछे छिपना यह दर्शाता है कि मंशा साफ नहीं है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं के जरिए राजनीतिक संरचना को बदलने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र और संविधान दोनों के लिए खतरनाक है।

कांग्रेस ने हाथरस, उन्नाव, मणिपुर और महिला पहलवानों के आंदोलनों जैसे मामलों का जिक्र करते हुए सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता पर भी तीखा हमला बोला। पार्टी का कहना है कि जब देश की बेटियाँ न्याय के लिए सड़कों पर थीं, तब सत्ता मौन रही, और यही मौन सबसे बड़ा अपराध है। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार के लिए महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान प्राथमिकता नहीं, बल्कि केवल एक राजनीतिक मुद्दा है।

अंत में कांग्रेस ने आक्रोश भरे स्वर में कहा कि यह लड़ाई केवल महिला आरक्षण की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सम्मान की है। पार्टी ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वास्तव में महिलाओं के अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता है, तो 2023 का महिला आरक्षण विधेयक तुरंत लागू किया जाए-पूरा विपक्ष समर्थन देगा। साथ ही चेतावनी दी कि महिलाओं के नाम पर राजनीति कर देश को बाँटने की कोशिश अब सफल नहीं होगी। देश की महिलाएं जाग चुकी हैं, और वे अब हर अपमान, हर वादा और हर सच्चाई का हिसाब रखेंगी। आज के प्रेस वार्ता में पूर्व शहर अध्यक्ष अनिल शुक्ला, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपक पांडेय, प्रभारी महामंत्री दीपक मंडल, जिला कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना, पूर्व महामंत्री विकास शर्मा, यतीश गांधी सहित कांग्रेस के नेतागण उपस्थित थे ।

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