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Friday, March 13, 2026

उस्मान बेग के नेतृत्व में युवा कांग्रेसियों ने हाथियों की लगातार मौत पर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 

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युवा कांग्रेसियों ने रायगढ़ जिला प्रशासन को वन विभाग के लाचार प्रणाली पर दिया अल्टीमेटम ज्ञापन पश्चात देर शाम दो आरोपी गिरफ्तार

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रायगढ़- रायगढ़ जिला के घरघोड़ा ब्लॉक में दो मासूम हाथी शावकों की दर्दनाक मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। जंगलों के स्वाभाविक और शांत जीवन में रहने वाले ये विशाल वन्यजीव जब इंसानी लापरवाही और अव्यवस्था की भेंट चढ़ जाते हैं, तो यह केवल एक घटना नहीं बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की स्थिति पर गहरी चिंता का विषय बन जाता है।

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इसी गंभीर मुद्दे को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष उस्मान बेग के नेतृत्व में गुरुवार को युवा कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन के बाद वन विभाग ने मामले की जांच तेज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

कुरकुट नदी में मिले दो हाथी शावकों के शव, पूरे इलाके में हड़कंप

हाल ही में घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के कुरकुट नदी के पास दो हाथी शावकों के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। नदी के सोपानी क्षेत्र में शव मिलने के कारण प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का पता लगाना वन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण था।

सघन जांच के दौरान यह सामने आया कि खेत में सिंचाई के लिए नदी में मोटर लगाने के कारण पानी में करंट फैल गया था और उसी की चपेट में आने से दोनों हाथी शावकों की मौत हो गई। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारी बताई जा रही है।

जंगल कट रहे, उद्योग और खदानें बढ़ रहीं, भटकने को मजबूर हो रहे हाथी

युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष उस्मान बेग ने कहा कि रायगढ़ जिले में तेजी से जंगलों की कटाई हो रही है और बड़े-बड़े उद्योग, खदानें और औद्योगिक परियोजनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि जब जंगलों का दायरा घटता है तो हाथी जैसे बड़े वन्यजीव अपने पारंपरिक रास्तों से भटककर गांवों और खेतों की ओर आने को मजबूर हो जाते हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ता है और कई बार ऐसी दुखद घटनाएँ सामने आती हैं।

सरकार की प्राथमिकताओं पर उठे गंभीर सवाल

उस्मान बेग ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार की प्राथमिकताओं में जंगल और वन्यजीव संरक्षण पीछे छूटते जा रहे हैं, जबकि उद्योग और खदानों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि विकास के नाम पर जंगल खत्म किए जाते रहे तो आने वाले समय में न केवल वन्यजीवों का अस्तित्व संकट में पड़ेगा बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी गंभीर रूप से प्रभावित होगा।

ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें

युवा कांग्रेस द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगें रखी गईं—

कुरकुट नदी में मिले दोनों हाथी शावकों की मौत की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच

जिले में पूर्व में हुई हाथियों की मौत की घटनाओं की समग्र जांच कर दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई

 हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अवैध करंट और अवैध फेंसिंग के खिलाफ विशेष अभियान

“जंगल बचेंगे तभी वन्यजीव बचेंगे” — उस्मान बेग

युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष उस्मान बेग ने कहा कि हाथी देश का संरक्षित और संवेदनशील वन्यजीव है और उसकी लगातार हो रही मौतें बेहद गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि यदि जंगलों की सुरक्षा, हाथियों के पारंपरिक मार्गों की रक्षा और वन्यजीव संरक्षण को लेकर सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में ऐसी घटनाएँ और बढ़ सकती हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो युवा कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर व्यापक जन आंदोलन छेड़ने से भी पीछे नहीं हटेगी।

आम लोगों से मिला समर्थन, वन्यजीवों की आवाज़ बनने की सराहना

इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन जताया है। कई लोगों ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के साथ-साथ जंगल और वन्यजीवों के मुद्दे को उठाना भी बेहद जरूरी है, और इस दिशा में आवाज़ उठाना सराहनीय पहल है।

लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष उस्मान बेग द्वारा हाथियों की मौत जैसे गंभीर पर्यावरणीय विषय को उठाना यह दर्शाता है कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल इंसानों तक सीमित नहीं बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा से भी जुड़ी है।

स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि यदि इस तरह लगातार आवाज़ उठाई जाती रही तो प्रशासन और सरकार को भी वन्यजीव संरक्षण के लिए और अधिक गंभीरता से कदम उठाने पड़ेंगे।

पिछले दो वर्षों में रायगढ़ में हाथियों की कई दर्दनाक मौतें

रायगढ़ जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान हाथियों की मौत की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जो वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

तमनार क्षेत्र – केराखोल गांव: अवैध बिजली तार की चपेट में आने से एक दंतेल हाथी की मौत हो गई।

 चूहकीमार वन क्षेत्र: 11 केवी बिजली लाइन के संपर्क में आने से तीन हाथियों की करंट लगने से मौत हो गई

घरघोड़ा क्षेत्र – पहाड़ी इलाका: चट्टानी क्षेत्र में फंस जाने से एक हाथी के बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई।

कुरकुट नदी, घरघोड़ा: हाल ही में करंट फैलने के कारण दो हाथी शावकों की मौत का मामला सामने आया।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रायगढ़ जिले के जंगलों में हाथियों की सुरक्षा गंभीर संकट में है।

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