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Thursday, May 21, 2026

नगर पंचायत घरघोड़ा के टेंडर पर माननीय उच्च न्यायालय ने लगायी रोक…परिषद ने नियम विपरीत किया निरस्त नोटिस बाद में जारी 

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रायगढ़। नगर पंचायत घरघोड़ा अपने कार्यो के चलते हमेशा से सुर्खियों में रहा है यह सुर्खियां केवल पंचायत अपने कार्यों के गफलत को लेकर था चुकि इस बार इससे आगे बढ़ते हुए नगर पंचायत का मामला टेंडर निरस्तीकरण में आ गया, ऐसे में आवेदक ने इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिस पर माननीय मुख्य न्यायाधीश की युगल पीठ आगामी आदेश सुनवाई तक रोक लगाया हैं।


दरअसल नगर पंचायत घरघोड़ा में 7.10. 2025 को निविदा आमंत्रण की सूचना जारी की गई थी, जिस पर निविदा भरने की अंतिम तिथि 30.10.2025 तक थी। जिस पर आज माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ ने सुनवाई करते हुए प्रक्रिया पर रोक लगा दी है । नगर पंचायत घरघोड़ा द्वारा अधोसंरचना व 15 वे वित्त मद से जारी निविदा में कई कार्यो को संतोष अग्रवाल के पक्ष में कार्यादेश जारी किया गया था, जिनमें से अधिकांश कार्य उनके द्वारा पूर्ण कर लिए गए थे किंतु उस संबंध में मुख्य

 

नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत घरघोड़ा द्वारा भुगतान शेष थे कई कार्यो को पूर्ण भी कर लिया गया था। उसके बाद भी मनमाने तरीके से याचिकाकर्ता संतोष अग्रवाल को पूर्व से आबंटित कार्यों के संबंध में द्वितीय निविदा की सूचना जारी कर दी गई।
परिषद ने नियमो के बिपरीत पहले किया निरस्त सीएमओ ने बाद में जारी किया नोटिस


नगर पंचायत घरघोड़ा शुरू से ही विवादों से घिरा रहा है फिर एक बार सुर्खियों में है इस बार अधोसंरचना मद व 15 वे वित्त के जारी निविदाओं में ठेकेदारों के कार्यो को लेकर दिनाक 04-09-25 को अंतिम नोटिस जारी की गयी ठेकेदारों द्वारा बिधिवत नोटिस का जवाब भी दिया गया लेकिन उसके उलट 20 दिन पहले नप घरघोड़ा की समान्य सभा की बैठक 19-08-25 को संकल्प क्रमांक 08 में कार्यो की समीक्षा हेतु संकल्प लाया गया था समीक्षा के बजाय नियमो के बिपरीत जा कर कार्यो को ही निरस्त कर दिया गया जो कि नियम विरुद्ध है जिसके विरुद्ध याचिकाकर्ता संतोष अग्रवाल द्वारा अपने अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के समस्त याचिका प्रस्तुत की गई। जिस पर सुनवाई के दौरान याचिका कर्ता की अधिवक्ता के द्वारा मुख्य नगर पंचायत अधिकारी द्वारा जारी किए गए निविदा आमंत्रण सूचना को न्यायिक सिद्धांतो के विरुद्ध एवं विसंगतिपूर्ण बताते हुए अपने तर्क प्रस्तुत किए। जिस पर विचार करते हुए उच्च न्यायालय के युगलपीठ माननीय मुख्य न्यायधीश रमेश सिन्हा एवं माननीय न्यायाधीश बी डी गुरु जी ने टेंडर प्रकिया पर यथा स्थिति बनाए रखते हुए नगर पंचायत घरघोड़ा के मुख्य नगर पंचायत अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है साथ ही प्रकरण की अगली सुनवाई 6 नवंबर के लिए नीयत की गई है।

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