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Tuesday, March 17, 2026

हमारी सरकार ने आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने और संरक्षित करने का कार्य किया- भूपेश बघेल

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सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र, विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर के युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित
रायगढ़,
/ हमारी सरकार ने आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने और संरक्षित करने का कार्य किया है। छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के साथ ही हमने आदिवासियों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किए। आदिवासी हितों के लिए ऐसे कार्य किए गए जो राज्य बनने के बीस वर्षों में नहीं हुए। हमारी सरकार ने पेसा कानून को पूरी तरह क्रियान्वित करने के लिए नियम बनाए और यह खुशी की बात है कि 08 अगस्त को इसका प्रकाशन छत्तीसगढ़ राजपत्र में भी हो गया है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। रायगढ़ जिले से जनप्रतिनिधि व हितग्राही इस कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए सबसे पहले विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मां दंतेश्वरी और बूढ़ा देव की पूजा अर्चना कर किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रकाशित आदि विद्रोह एवं अन्य पुस्तिकाओं का विमोचन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अचानकमार टाईगर रिजर्व जिला मुंगेली के पांच गांवों महमाई, बाबूटोला, बम्हनी, कटामी, मंजूरहा, सीतानदी टाइगर रिजर्व धमतरी के ग्राम लिखमा, बिनयाडीह, मैनपुर, उदंती टाइगर रिजर्व जिला गरियाबंद के ग्राम कुल्हाड़ीघाट, कठवा को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्यता पत्र प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा कानून लागू होने से ग्राम सभा का अधिकार बढ़ेगा। ग्राम सभा के 50 प्रतिशत सदस्य आदिवासी समुदाय से होंगे। इस 50 प्रतिशत में से 25 प्रतिशत महिला सदस्य होंगी। गांवों के विकास में निर्णय लेने और आपसी विवादों के निपटारे का भी उन्हें अधिकार होगा। पेसा कानून पहले से था, इसके नियम नहीं बनने के कारण इसका लाभ आदिवासियों को नहीं मिल पा रहा था, लेकिन अब नियम बन जाने से वे अपने जल-जंगल-जमीन के बारे में खुद फैसला ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समुदायिक अधिकार मान्यता पत्र और व्यक्तिगत मान्यता पत्र का वितरण किया है। उन्होंने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्र के तहत आदिवासियों और वन क्षेत्रों के परंपरागत निवासियों को दी गई भूमि के विकास और उपयोग तथा उनके अधिकारों के संबंध में गांव-गांव में ग्राम सभाओं के माध्यम से 15 अगस्त से 26 जनवरी तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिससे वे वनों के संरक्षण और विकास में बेहतर योगदान देने के साथ वनोपजों के संग्रहण और वैल्यू एडिशन से अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री को बताया कि ग्रामीणों-आदिवासियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की खोलने की शुरूआत की है, वहां पर ग्रामीण वनोत्पादों को प्रोसेसिंग यूूनिट के माध्यम से प्रसंस्कृत कर वैल्यू एडिशन किया जाएगा, इससे उनकी वनोत्पादों की अच्छी कीमत मिलेगी और आदिवासियों की आय में वृद्धि भी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कार्य किया है। पहले बस्तर मलेरिया के नाम से जाना जाता था, हर वर्ष मलेरिया के कारण सैकड़ो लोग बीमार हो जाते थे, जाने भी चली जाती थी, लेकिन हमने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान चलाया, जिसके परिणाम दिखने लगे हैं और अब 65 प्रतिशत लोग मलेरिया से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का सुदृढ़कीरण किया। हाट-बाजार क्लीनिक योजना से बस्तर की अंदरूनी क्षेत्रों में निवासियों को इलाज की सुविधा मिलने लगी, इसका परिणाम यह हुआ कि जिस बस्तर जहां हर बरसात में उल्टी-दस्त के कई प्रकरण देखने को मिलते थे उन क्षेत्रों में काफी कमी आई है।
कार्यक्रम में इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, संसदीय सचिव श्री द्वारिकाधीश यादव तथा शिशुपाल सिंह सोरी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति के के सचिव डी.डी.सिंह, आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी भी उपस्थित थे।
रायगढ़ जिले से कार्यक्रम में इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री निराकार पटेल, महापौर श्रीमती जानकी काटजू, सीईओ जिला पंचायत अबिनाश मिश्रा, डीएफओ रायगढ़ श्रीमती स्टायलो मंडावी, सहायक आयुक्त आदिवासी अविनाश श्रीवास, जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी.आदित्य सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन प्राचार्य श्री राजेश डेनियल ने किया।
बिरहोर युवाओं की शासकीय विभागों में नियुक्ति
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर के पात्र 17 आवेदकों को शिक्षा विभाग में तथा 06 को दूसरे विभागों में नियुक्ति प्रदान की जा रही है। जिनमें से कलेक्ट्रेट के जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित धरमजयगढ़ विकासखंड के श्री बृजमोहन बिरहोर व कु.बसंती बिरहोर को जिला पंचायत अध्यक्ष श्री निराकार पटेल और महापौर नगर निगम रायगढ़ श्रीमती जानकी काटजू ने नियुक्ति पत्र सौंपा।
मेधावी छात्र हुए सम्मानित, वन अधिकार पत्र का हुआ वितरण
इस अवसर पर एकलव्य आदिवासी विद्यालय के अनुसूचित जनजाति के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। जिनमें कक्षा कक्षा-10 वीं में प्रथम-आमोश भगत, द्वितीय-डिगेन्द्र कुमार एवं तृतीय-गजेन्द्र कुमार तथा कक्षा-12 वीं में प्रथम-अंजन कुमार, द्वितीय-संदीप कुमार एवं तृतीय-फूलेश्वर सिंह शामिल थे। साथ ही 150 लोगों को व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 02 को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किए गए। जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति की योजना के तहत ऋषिकेश्वर सिंह को ट्रैक्टर व ट्रॉली प्रदान किया गया।

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