अधोसंरचनात्मक कार्यों से अदाणी फाउण्डेशन कर रहा तमनार ब्लॉक के विभिन्न ग्रामों का विकास

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सोलर लाईट सहित सी सी रोड, पचरी निर्माण, पाइप लाईन व पानी टंकी का नवीनीकरण, यात्री प्रतीक्षालय, शौचालय निर्माण, बोर खनन व सबमर्सिबल पम्प लगवाए

रायगढ़; 22 मार्च 2024: जिले के तमनार ब्लॉक में अदाणी फाउण्डेशन द्वारा गारे पेल्मा III कॉलरी लिमिटेड की सामाजिक सरोकारों के तहत प्रभावित सभी ग्रामों में आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्य करवाये जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान अदाणी फाउंडेशन द्वारा ढांचागत विकास के कई निर्माण कार्य कराया है, जिनमें सी सी रोड, पचरी निर्माण, पाइप लाईन व पानी टंकी नवीनीकरण, यात्री प्रतीक्षालय, शौचालय निर्माण, बोर खनन व सबमर्सिबल पम्प की स्थापना, सोलर लाईट इत्यादि शामिल है।

अदाणी फाउण्डेशन द्वारा किए जा रहे अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्य का मुख्य उद्देश्य ग्रामवासियों के मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति करना तथा गांवों में मौजूद सरकारी विद्यालयों को सर्व सुविधायुक्त बनाना है, ताकि छात्र-छात्राएं आसानी से अध्यापन कार्य कर सकें। इसी शृंखला में ग्राम रोडोपाली व करवाही में सी सी रोड का निर्माण, ग्राम करवाही व मिलूपारा में पचरी निर्माण का कार्य, ग्राम ढोलनारा व रोडोपाली में पाइप लाईन व पानी टंकी नवीनीकरण का कार्य तथा ग्राम मिलुपारा में यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण किया गया है। साथ ही स्कूलों में जरूरी जीर्णोद्धार के लिए शासकीय प्राथमिक शाला रोडोपाली, भालूमुड़ा व चितवाही में शौचालय निर्माण प्राथमिक शाला चितवाही में फर्श नवीनीकरण

व प्राथमिक शाला मिलुपारा में आहता निर्माण कार्य कराया गया। इसके अलावा धार्मिक स्थानों जैसे ग्राम ढोलनारा और मिलूपारा उरांव मोहल्ला के बंजारी मंदिर सहित ढोलनारा, चितवाही, रोडोपाली तथा सरईटोला में कुल सात स्थानों पर बोर खनन व सबमर्सिबल पम्प की स्थापना की गयी। वहीं रात्री के समय में पैदल यात्रियों की सुविधा हेतु ग्राम मिलूपारा, ढोलनारा, खम्हरिया, रोडोपाली, भालूमुड़ा, चितवाही कुंजेमुरा व डोलेसरा में कुल 33 नग सोलर लाईट भी लगवाया गया है।

अदाणी फाउंडेशन के ग्रामीण ढांचागत विकास में किये गए प्रयास ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने, टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने और पूरे क्षेत्र में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस कदम है। यहां तक कि अदाणी फाउंडेशन द्वारा इन गांवों में चलाए जा रहे स्वास्थ्य सेवाएं और एम्बुलेंस सेवा भी ग्रामीण बुनियादी ढांचे की प्रतिबद्धता का एक मजबूत उदाहरण है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की दूरियां तो कम होती ही हैं साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जीवनयापन में आसानी और सुधार भी होता है। इन परियोजनाओं को स्थानीय लोगों के परामर्श से स्थानीय आवश्यकताओं के मानचित्रण के आधार पर कार्यान्वित किया जाता है।

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