रायगढ़ / पूरे प्रदेश भर में छत्तीसगढ़ अव्वल नंबर पर आने वाला रायगढ़ जिला सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला शहर है। अत्यधिक उद्योग भी रायगढ़ में है खास करके तमनार क्षेत्र में, जहां लगातार उद्योगों का विस्तारीकरण जारी है। विस्तारीकरण के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है मनमानी रवाइयों पर उद्योगपति पैसे के बलबूते पर सरकारी अफसर को अपनी उंगलियों पर नचा रहे हैं। प्रदूषण की मार झेल रहे तमनार के बजरमुडा में एक और वृहद फैक्ट्री शारदा एनर्जी एंड मिनिरल्स को कई गुना विस्तार की अनुमति देने के लिए पूरा सिस्टम जी जान से लगा हुआ है जिसकी जनसुनवाई 1 मार्च 2024 को रखी गई है इस उद्योग के विस्तार से बजरमुडा, ढोलनारा ही नहीं बल्कि पूरा तमनार कालिख के चपेट में आ जाएगा। तमनार में अब तो रहना मानो किसी से जंग लड़ने के बराबर है अपनी जिंदगी के लिए, शासन प्रशासन भी उद्योगों की स्थापना व कोल माइंस को बढ़ावा देने के लिए हर संभव मदद उद्योगपतियों की कर रही है। बेहद ही खराब होती लोगों की स्वास्थ्य जो तमनार क्षेत्र में रह रहे हैं दिनभर बड़ी-बड़ी चीनियों से निकलने वाले जहरीले धुएं सेहत के लिए मौत का अरमान साबित हो रहे हैं। वर्तमान में इसकी स्थिति जग जाहिर है पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला क्षेत्र कहा जाता है जो खुद शासकीय रिपोर्ट में आज दर्ज हो चुका है। इसके बावजूद भी बड़े-बड़े कारखाने में लगातार इजाफा हो रहा है। औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की हालत किसी से छुपी नहीं है बड़े-बड़े गड्ढे आपको 12 महीने देखने को मिल जाएंगे घटना दुर्घटनाओं से सैकड़ो लोगों की मौत हर साल होती है उसके बाद भी बड़े ही आराम से यह फैक्ट्रियां सुचारू रूप से अपनी जेब गर्म कर चल रही है। शारदा एनर्जी एंड मिनरल्स की क्षमता विस्तार के लिए 1 मार्च 2024 को जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। बजरमुडा मैदान में किया जाएगा। यहां भी फर्जी आई रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के कर्मचारी ही मजदूरों के सहमति का हस्ताक्षर लेकर कंपनी को फिर से विस्तारित कारण के लिए तैयार कर लिया जाएगा और जो लोग विरोध कर रहे हैं वह मुक्त आते रह जाएंगे। प्रदूषण की लगातार मार जल रहे तमनार वासी।








