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Friday, February 6, 2026

सिंघल प्लांट में मजदूर की गई जान…उद्योगों में हर महीने मौत का खेल…एनआर इस्पात और अंजनी स्टील की जांच पूरी नही हुई..एक और हादसा… कलेक्टर साहेब जरा इधर भी ध्यान दीजिए…

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सिंघल प्लांट में मजदूर की गई जान…उद्योगों में हर महीने मौत का खेल…एनआर इस्पात और अंजनी स्टील की जांच पूरी नही हुई..एक और हादसा… कलेक्टर साहेब जरा इधर भी ध्यान दीजिए…

रायगढ़ / रविवार की दोपहर औद्योगिक नगरी रायगढ़ में फिर एक बेगुनाह श्रमिक की असमय मौत हो गई, मामला पूंजीपथरा थाने का बताया जा रहा है। 

जानकारी के अनुसार सिंघल प्लांट में रविवार की दोपहर प्लांट में काम करते वक्त कन्वेयर बेल्ट में फंसने से गंभीर रूप से घायल कामगार को आनन फानन में मेडिकल कॉलेज रायगढ़ लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

मृतक युवक का नाम रामजीत उम्र 34 वर्ष मूल निवासी सूरजपुर का बताया जा रहा है। जो पिछले कुछ समय से प्लांट में श्रमिक का काम करता था। इसी प्लांट में उसका भाई भी काम करता है। सूचना के अनुसार परिजनों के आने के बाद ही मृतक का पोस्टमार्टम किया जाएगा। 

दरअसल जिले में लगातार उद्योगों की लापरवाही से हादसे चरम सीमा पर है हर माह एक मासूम मजदूर की जान चली जाती है। 

एनआर इस्पात और अंजनी स्टील में हुए हादसे की जांच पूरी भी नहीं हो पाई थी, कि एक और कारखाने में श्रमिक की मौत हो गई। इन बड़े-बड़े उद्योगों में अपने काम को बढ़ाने के लिए लोगों की संख्या तो बढ़ाई जाती है लेकिन सुरक्षा की दृष्टिकोण से देखें तो सुरक्षा होता ही नहीं है सिर्फ खानापूर्ति और कागजों में बताया जाता है। अब तक हुए हादसों मे उद्योगों प्रबंधन सुरक्षा मानकों की एक कालम भी पूरा नहीं कर पाया है इसी कारण लगातार मजदूरों की मौत हो रही है।

उद्योगों के अधीन जिला प्रशासन

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग जिले में है तो जरूर लेकिन उद्योगों में हादसा के बाद ही जब श्रमिक की मौत हो जाती है तब ही जांच की के लिए पहुंचते हैं इससे पहले ना तो इन कारखानों में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग जाना मुनासिब नहीं समझते।

नहीं हो रहा उद्योगों में सुरक्षा मानकों की पूर्ति 

जिले के बड़े-बड़े उद्योगों में सुरक्षा मानकों की पूर्ति नहीं हो रही है। जिनका खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है। ये उद्योग बड़े पैमाने पर फैला हुआ है जिससे उद्योग प्रबंधक को दोहरा लाभ होता है लेकिन मजदूरों की सेफ्टी को लेकर उद्योग प्रबंधन कभी भी संजीदा नही रहा। सिर्फ अपने मुनाफे से इन्हें मतलब है।

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