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Sunday, May 17, 2026

अवकाश अवधि में ले लिया प्रभारी सीएमओ का चार्ज…परिषद की बैठक में भी हो गये शामिल संचालक ने किया निलंबित

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अवकाश अवधि में ले लिया प्रभारी सीएमओ का चार्ज…परिषद की बैठक में भी हो गये शामिल संचालक ने किया निलंबित

घरघोड़ा नप में अदृश्य ताकत से हो रहे है अजब गजब कारनामा बेदाग कर्मचारी भयभीत

रायगढ। ज़िले के नगरीय निकायों की प्रशासनिक व्यवस्था मनमाने तौर तरीकों पर चल रही है। दो दिन पूर्व ही ज़िले के घरघोडा नपं के सहायक राजस्व निरीक्षक को नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक ने निलंबित किया है। उक्त निरीक्षक पर दायित्व निर्वहन में लापरवाही का आरोप प्रमाणित हुआ है किंतु कहानी केवल इतनी नहीं है बल्कि निलंबित सहायक राजस्व निरीक्षक शंभुदयाल ने वो कारनामा कर दिखाया है जिसने पूरे नगरीय प्रशासन को अचंभे में डाल दिया है। रेवेन्यू इंस्पेक्टर ने अपनी अनुपस्थिति में ही प्रभारी सीएमओ का चार्ज लिया और इससे भी बढ़कर नगर पंचायत के परिषद की बैठक में भी शामिल हो गये। इतना ही नहीं अपनी अनुपस्थिति में प्रभारी सीएमओ शम्भू पटनायक द्वारा समान्य सभा की बैठक लेना बताया गया पर मिनिट बुक में उनके हस्ताक्षर ना होता बताता है कि उक्त बैठक को दबाव में लिखा गया है ।

घरघोडा नगर पंचायत में नगर सरकार और प्रशासनिक तंत्र निरंकुश होकर काम कर रहे हैं। जिसका प्रमाण भ्रष्टाचार समेत कार्यो की जा रही लगातार लापरवाही के बाद शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई से स्पष्ट हो रही है। इस बीच बीते 11 मार्च को नपं में परिषद की बैठक आयोजित थी उक्त बैठक हेतु 04-03-2024 को पत्र क्रमांक 2193 से पार्षदों को 11-03-24 की बैठक हेतु सूचना जारी होती है, लेकिन जावक पंजी क्रमांक 2193 का अवलोकन में उक्त क्रमांक में कार्यपालन अभियंता नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को अंतिम देयक हेतु पत्र जारी होना अंकित होता है। इसी अवधि पर तत्कालीन सीएमओ सुमीत मेहता का रामानुजगंज तबादला हो जाता है। उन्होंने वरिष्ठता के आधार पर सहायक राजस्व निरीक्षक शंभुदयाल पटनायक को चालू प्रभार दे देते है। चूंकि श्री पटनायक उस तारीख पर एक दिवसीय अवकाश आवेदन देते है। यानी उस दिन वह कार्यलय में अनुपस्थित रहते है। यही नहीं 11 मार्च को ही अनुपस्थिति के दौरान प्रभारी सीएमओ नपं परिषद की बैठक में उपस्थित बताये जाते हैं।

इस तरह घालमेल नगरीय प्रशासन मंत्रालय की शिकायत जांच पर स्पष्ट हो गई। जिस पर शासन ने कार्रवाई करते हुए सहायक राजस्व निरीक्षक को नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक ने निलंबित किया है। इस निलंबन ने कई ज्वंलत सवालों को खड़ा कर दिया।

जिसने पूरे नगरीय प्रशासन को अचंभे में डाल दिया है। दरअसल राजस्व निरीक्षक ने अपनी अनुपस्थिति में ही प्रभारी सीएमओ का कार्यभार ले लिए। इससे भी बढ़कर नगर पंचायत के परिषद की सामान्य सभा की बैठक में भी शामिल हो गये। इस तरह फर्जीवाड़े से नगर पंचायत के राजनीतिक गलियारों में जनप्रतिनिधियों से लेकर आम जनता के चर्चा का विषय बन चुका है।नगर पंचायत घरघोडा में जो मनमानी चल रही है उस पर भी शासन तथा नगरीय प्रशासन को गहन संज्ञान लेने की जरुरत है वरना सियासी नूराकुश्ती का अखाडा बन चुके नपं कार्यालय में निरंकुश होती व्यवस्था एक दिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के बीच सिर फुटव्वल का कारण बनेगी। बहरहाल नगरीय प्रशासन के द्वारा राजस्व निरीक्षक के निलंबन की नगर में सराहना भी हो रही है।

भाजपा पार्षद करेंगे एफआईआर

11 मार्च 24 की बैठक में पूर्व अध्यक्ष वर्तमान भाजपा पार्षद शिशु सिन्हा अनुपस्थित निजी कार्यों के चलते प्रवास में रहते है। उनका कहना है कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत उनका हस्ताक्षर फर्जी तरीके से कर दिया गया। हस्ताक्षर परिषद के बैठक सरकारी मिनिट बुक में दर्ज हो गई। इससे आहत पार्षद अब पुलिस तथा शासन स्तर में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे है। एवं जल्द ही प्राथमिकी के लिए शिकायत भी देंगे। 

नित नए कारगुजारियों से चर्चित है नगर पंचायत 

अवकाश में कार्यभार से लेकर परिषद की बैठक भी ली जाती है। सदस्य के फर्जी हस्ताक्षर होने का आरोप भी इस तरह अब यह भी देखना लाजमी होगा कि उक्त बैठक में किस तरह का निर्णय पारित की गई है। आनन- फानन आयोजित या कहे सुनियोजित बैठक बड़े भ्रष्टाचार तथा अन्य कारगुजारियों को पारित कराने की दिशा की ओर घूम रही है। दूसरी ओर अदृश्य दबाव को भी बयां कर रहा है।

इसी दबाव में आकर कई अधिकारी कर्मचारी अनाधिकृत सरकारी नियम कायदे कानून को दरकिनार कर कार्य कर रहे हैं जिसका परिणाम यही है कि शासन इन पर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई कर रही है।

भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियो पर हमारी सरकार बनते ही कड़ी कार्रवाई कर रही है। अब तक अधिकारी कर्मचारी को निलंबित केवल घरघोड़ा नगर पंचायत से 5 माह के भीतर कर दिए हैं। जिस दिन परिषद की बैठक आहूत किया गया 

मैं उक्त बैठक में निजी कार्यो के चलते प्रवास पर रहने के कारण बैठक में उपस्थित नही था। अनुपस्थित होने पर भी मेरा हस्ताक्षर फर्जी तरीके से परिषद के सरकारी किताब मिनिट बुक में की गई है। मेरे द्वारा इस पर प्राथमिकी दर्ज के लिए शिकायत दी जाएगी तथा शासन से इस तरह के कृत्य में संलिप्त लोगो पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जायेगी। ताकि इस तरह के कृत्य में लिप्त लोगो पर कार्रवाई हो सके।

विजय शिशु सिन्हा, भाजपा पार्षद वार्ड नंबर आठ (पूर्व अध्यक्ष नपं)

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