रायगढ़ / बीते कई वर्षों से जमीन की खरीद बिक्री फर्जी तरीके से जमीन मालिकों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही है। इसी पर घरघोड़ा तहसील में निवासरत सुरेंद्र सिंह भाटिया जो शासकीय पद पर कार्य कर रहे हैं आदिवासी बनकर, कुछ समय पहले ही अपनी जमीन को सामान्य वर्ग में शामिल कर अब धीरे-धीरे टुकड़ों में उसे बेचा जा रहा है।

विदित हो कि विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। घरघोड़ा तहसील से सुरेंद्र सिंह भाटिया/ पिता जमीर सिंह भाटिया जिनकी वंशावली सामान्य वर्ग की श्रेणी में आता हैं। लेकिन तहसील विभाग में फर्जी दस्तावेज के तहत अपनी जाति को बदलकर अनुसूचित जाति में तब्दील कर ली गई। जिसमें साफ तौर पर तहसील विभाग की मिली भगत है। ग्राम घरघोड़ा कुल खसरा नंबर 25 रकबा लगभग 18 एकड़ जमीन है। जो कि राजस्व अभिलेखों में विधिवत दर्ज है जिसमें सुरेंद्र सिंह भाटिया की जाति सामान्य वर्ग उल्लेखित किया है। लेकिन इसके बावजूद भी वे एक शासकीय पद पर अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल है। दर्शनकौर ने इस मामले को लेकर थाने में शिकायत की गई है।

जो कुछ समय पहले ही सुरेंद्र सिंह की पत्नी परमजीत कौर और पुत्र गगनदीप का नाम भूखंड को बेचने के लिए सामान्य में किया गया है। अत्यधिक कीमतों पर जमीन को बेचा जा रहा है। 11 डेसिमल को लाखों रुपए में बेच दिया गया है। गुरुनाम सिंह द्वारा तहसील कार्यालय में भी सैकड़ो बार शिकायत की जा चुकी है। इस विवादित जमीन को लेकर, जिसमें कार्यवाही अब तक नहीं हुई है।

बहरहाल यह पूरा मामला फर्जी दस्तावेजों पर आधारित है। जो सुरेंद्र सिंह भाटिया अनुसूचित जनजाति वर्ग अपने आप को बताते हैं लेकिन उनकी पत्नी और पुत्र को सामान्य वर्ग में परिवर्तित कर कैसे जमीन को बेचा जा सकता है। यह बहुत बड़ा सवाल तहसील कार्यालय घरघोड़ा पर खड़े करते हैं। की कैसे इतनी बड़ी अनियमित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जा रही है।







