संस्कार के खिलाड़ी ने बजाया डंका, जीता साउथ एशियन गोल्ड नेपाल में हुई लाठी चैम्पियनशिप, जिले में खुशी की लहर

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रायगढ़। जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था संस्कार पब्लिक स्कूल के युवा खिलाड़ी दिव्यांश देवांगन ने नेपाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय लाठी चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन कर दिया है। संस्था की प्राचार्या श्रीमती रश्मि शर्मा ने बताया कि संस्कार स्कूल के विद्यार्थियों ने शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास एवं खेलकूद में भी अपनी पहचान बनाई है। पिछले दिनों राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में दिव्यांश देवांगन ने गोल्ड जीतकर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु स्थान बनाया था। जिसमें दिव्यांश ने कई देशों के खिलाडिय़ों को हराते हुए गोल्ड जीता। रश्मि शर्मा ने बताया कि दिव्यांश की मेहनत, राज्य लाठी संस्था की अधिकारी एवं संस्कार पब्लिक स्कूल की खेलकूद प्रशिक्षिका कांति मानिकपुरी की अथक मेहनत, मार्गदर्शक रामचन्द्र शर्मा का निर्देशन एवं स्कूल का पढ़ाई एवं खेलकूद के लिए शानदार माहौल से यह गोल्ड हासिल हुआ है। इस गोल्ड के हासिल होने से संस्था की प्राचार्या श्रीमती रश्मि शर्मा एवं समस्त शिक्षकों तथा रायगढ़ के खेल प्रेमियों ने शानदार प्रदर्शन की सराहना कर बधाईयां प्रेषित की है।



मार्गदर्शक रामचन्द्र शर्मा ने बताया कि दिव्यांश देवांगन संस्कार पब्लिक स्कूल के ही एक्टिंग डायरेक्टर सी.पी. देवांगन के सुपुत्र है। सी.पी. देवांगन गणित के शानदार शिक्षक है। माता विजय लक्ष्मी शासकीय शिक्षिका है। बातचीत में सी.पी. देवांगन ने बताया कि वे संस्कार स्कूल के कृतज्ञ है। जिनके कारण उनके बच्चे दिव्यांश को इतना शानदार मौका मिला। उन्होंने स्कूल की प्राचार्या रश्मि शर्मा एवं खेल प्रशिक्षक कांति मानिकपुरी को भी धन्यवाद ज्ञापित किया है।


पांच देशों के खिलाड़ी हुए शामिल


नेपाल में उपस्थित खेलकूद प्रशिक्षिका कांति मानिकपुरी ने बताया कि इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पांच देशों के खिलाड़ी शामिल हुए थे जिसमें पाकिस्तान, नेपाल, बांगलादेश, श्रीलंका सहित भारत के खिलाड़ी शामिल हुए। दिव्यांश ने लगातार तीन मैच जीतकर गोल्ड के लिए अपने दावेदारी साबित की। बहुत कर समय में तैयारी करके दिव्यांश ने शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए संस्कार पब्लिक स्कूल, अपना जिला रायगढ़, राज्य छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन किया।

संस्था संस्कार पब्लिक स्कूल में शिक्षा का उच्च स्तर बनाये रखते हुए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास हेतु खेलकूद, वाद-विवाद, तात्कालिक भाषण आदि पर भी ध्यान दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि दिव्यांश को उच्च स्तरीय सफलता मिली है। मैं सभी को बधाई देता हूं। हम लगातार ऐसा प्रयास भविष्य में भी करते रहेंगे।

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