रायगढ़ / चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं। वैसे ही उथल-पुथल पार्टियों में होनी शुरू हो गई है। पार्टियों के बड़े बड़े कद्दावर नेता अपनी सालों पुरानी पार्टियों को छोड़कर नई जगह ज्वाइन कर रहे हैं।

इसी कड़ी में किसान नेता लल्लू सिंह ने कुछ महीने पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पार्टी पर जमकर अपनी भड़ास निकाली थी पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया था उन्होंने यह बताया था कि पार्टी में उन्हें तवज्जो नहीं दिया जा रहा है उनकी अनदेखी की जाती है जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी को एक नया आयाम दिया था। किसान नेता लल्लू सिंह को जिला स्तर पर सिरे से नकार दिया गया था जिसे देखते हुए ही उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया।

विधानसभा चुनाव में महज 5 महीने ही रह गए हैं उसके ठीक पहले ही लल्लू सिंह का आम आदमी पार्टी को ज्वाइन करना, कांग्रेस के लिए अंदरूनी छाती हो सकती है क्योंकि मजदूरों और किसानों में लल्लू सिंह की अच्छी खासी पकड़ है जिसका खामियाजा उन्हें 2023 के चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

आम आदमी पार्टी होगी मजबूत…
आज बिलासपुर में किसान नेता लल्लू सिंह ने आम आदमी पार्टी का हाथ थाम लिया। भरत दुबे संजीव झा, पिंटू सिंह, के नेतृत्व में बिलासपुर में उन्होंने ली सदस्यता, तो वहीं आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में कुछ कमाल दिखा नहीं पाई, हर बार चुनाव में दमखम से चुनावी सत्र में दौड़ लगाती है।
लेकिन कुछ हासिल नहीं हो पाता, अलबत्ता अब देखना होगा कि लल्लू सिंह के आने से आम आदमी पार्टी को इस वर्ष के चुनाव में फिर हार का मुंह देखना पड़ेगा या सिर पर सजेगा ताज।







