रायगढ़ 24 अगस्त। स्कूल के विद्यार्थियों को खगोलीय घटनाओं का व्यवहारिक ज्ञान देने और उनमें वैज्ञानिक सोच को विकसित करने के उद्वेश्य से जिंदल पाॅवर द्वारा जिंदल फाउंडेशन के माध्यम से शासकीय आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम हायर सेकंडरी स्कूल तमनार में सुव्यस्थित एस्ट्रोनाॅमी लैब की स्थापना की गई है। इस लैब से साइंस के विद्यार्थियों को खगोलीय घटनाओं की जानकारी प्राप्त हो रही है।

जिंदल पावर द्वारा क्षेत्र में शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कहीं भवन बनाया जा रहा है तो कहीं अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया जा रहा है, कहीं बाउंड्रीवाॅल का निर्माण कराया गया है। इसी कड़ी में विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और उन्हें खगोलीय घटनाओं से अवगत कराने के लिए शासकीय आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम हायर सेकंडरी स्कूल तमनार में सुव्यस्थित एस्ट्रोनाॅमी लैब की स्थापना की गई है। इस लैब का शुभारंभ पिछले दिनों किया गया। स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएसआर के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट ऋषिकेश राय शर्मा ने कहा कि जिंदल फाउंडेशन हमेशा से क्षेत्र के विकास के लिए काम करता रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार काम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्कूल में एस्ट्रोनाॅमी लैब की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा सुव्यवस्थित लैब देखने को कम ही मिलेगा, लेकिन जिंदल फाउंडेशन द्वारा क्षेत्र के विद्यार्थियों को खगोलीय घटनाओं की जानकारी हो सके इसके लिए स्कूल में इस लैब की स्थापना की गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि निष्चितरूप से इस लैब का लाभ तमनार क्षेत्र के गांवों के विद्यार्थियों को मिलेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल के प्राचार्य बाबूलाल पटेल ने

कहा कि जिंदल फाउंडेशन द्वारा शुरु किए गए लैब का लाभ निश्चित रूप से स्कूल के विद्यार्थियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा लैब होना गर्व की बात है। कार्यक्रम में तमनार की सरपंच गुलापी सिदार, सीएसआर की मैनेजर शीतल पटेल सहित स्कूल शिक्षक- शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
साइंस को समझने में मिल रही मदद
स्कूल के प्राचार्य बाबूलाल पटेल ने बताया कि एस्ट्रोनाॅमी लैब जिंदल फाउंडेशन द्वारा प्रारंभ किया गया है। इस लैब का लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक विद्यार्थी केवल थ्योरी की पढ़ाई कर रहे थे, लैब प्रारंभ होने के बाद उन्हें प्रैक्टिकल करने में भी सहुलियत हो रही है। विद्यार्थी प्लानेट की ग्रेविटी, ग्रहों की स्थिति, तारामंडल को समझ रहे हैं। टेलिस्कोप से भी खगोलीय घटनाओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं। विद्यार्थियों को सेटेलाइट आदि को समझने में मदद मिल रही है।









