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Sunday, August 16, 2026

जिंदल पाॅवर में मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रभक्ति का लिया गया संकल्प

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चेयरमैन का संदेश पढ़ा गया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम, डाॅग शो भी किया गया।

रायगढ़ । भारत की आजादी का जश्न जिंदल पाॅवर द्वारा उल्लास के साथ मनाया गया। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर एडमिन बिल्डिंग, गारे पेलमा 4/1 और सीएचपी लिबरा में ध्वजारोहण किया गया। साथ ही राष्ट्रीय भक्ति का संकल्प लिया गया। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन एडमिन बिल्डिंग में किया गया जहां एमडी प्रदीप्ता कुमार मिश्रा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। सभी स्थानों पर राष्ट्रगान गया गया। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एमडी प्रदीप्ता कुमार मिश्रा ने सबसे पहले जिंदल पाॅवर ग्रुप के चेयरमैन नवीन जिंदल का संदेश वाचन करते हुए कहा कि यह दिन हमारे लिए न केवल देश की आजादी का जश्न मनाने का अवसर है, बल्कि यह गर्व करने का भी दिन है कि हम एक ऐसे संस्थान का हिस्सा है तो राष्ट्र निर्माण और

 

राष्ट्रप्रेम की भावना को नई दिषा दे रहा है। हमारी कंपनी की असली ताकत हमारे चेयरमेन नवीन जिंदल जी का दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता का सर्वोच्च प्रतीक हमारा तिरंगा है। हम अपने घरों व कार्यस्थलों पर तिरंगा फहराते हैं उसके पीछे नवीन जिंदल का वो ऐतिहासिक संघर्ष याद रखना चाहिए। उन्होंने मात्र 22 साल की उम्र में सपना देखा कि देश का हर नागरिक पूरे मान सम्मान के साथ अपने राष्ट्रध्वज को फहरा सके। करीब एक दशक लंबे संघर्ष के बाद 23 जनवरी 2004 को सर्वोच्च न्यायालय ने यह फैसला सुनाया और हर भारतीय को तिरंगा फहराने का मौलिक अधिकार मिला। आज देश के 140 करोड़ नागरिक अगर सीना तान चौड़ा करके तिरंगा फहरा पाते हैं तो उसमें नवीन जिंदल का ऐतिहासिक योगदान है। हमारे संस्थापक चेयरमैन बाबूजी ओपी जिंदल ने हमें सिखाया था कि कर्म ही पूजा है और देश सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उसी राह पर चलते हुए जिंदल पाॅवर नए कीर्तिमान रच रहा है। हम केवल बिजली नहीं बना रहे , बल्कि एक मजबूत

और आत्मनिर्भर भारत की नींव रख रहे हैं। नवीन जिंदल सर का हमेशा से मानना रहा है कि हमारी सबसे बड़ी पूंजी हमारी मशीनें नहीं, बल्कि दिन रात निष्ठा से काम करने वाले हमारे कर्मचारी और उनका परिवार है। आपकी कड़ी मेहनत और नवीन जिंदल के विजन का ही परिणाम है कि आज जिंदल पावर लिमिटेड सफलता के नए शिखर को छू रहा है। एमडी प्रदीप्त कुमार मिश्रा ने जिंदल पावर की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि हम केवल प्रदर्शन बरकरार नहीं रख रहे हैं बल्कि दक्षता, विश्वनीयता और उत्पादन क्षमता में निरंतर सुधार कर रहे हैं। यही हमारी सफलता की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने बताया कि जिप्ट ऊर्जा के क्षे़त्र में प्रतिष्ठित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित हो चुका है। इस संस्थान को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि सीएसआर के क्षेत्र में किए जा रहे काम पांच राज्यों के 122 गांवों तक पहुंच रहे हैं और लगभग 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है। ओपी जिंदल स्कूल, जिंदल चिल्ड्रन होम, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और खेल विकास की पहले समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने दो संकल्प भी दोहराए कि सुरक्षा सदैव व राष्ट्र सर्वपरी और हम जो भी करें उसमें उत्कृश्टता हमारा लक्ष्य है। इस भावना के साथ ही काम करें। इस अवसर पर ईडी जी वेंकटरेड्डी, प्रेसीडेंट एंड सीईओ माइंस ओमप्रकाश, ईवीपी संदीप सांगवान, सीएचआरओ अजय कुमार, वीपी गोविंद कुमार, वीपी विजय जैन, एसके पाल, वीपी राजेश दुबे, वीपी लैंड संजय श्रीवास्तव सहित प्लांट और माइंस के सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

गारेपेलमा 4/1 में किया गया ध्वजारोहण

जिंदल पावर के गारेपेलमा 4/1 में भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वीपी विजय जैन ने राष्ट्रध्वज फहरा कर तिरंगे को सलामी दी। इसके बाद राष्ट्रगान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जैन ने देश को आजादी दिलाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश को स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने संस्थान में काम कर रहे लोगों के लिए कहा कि अथक परिश्रम से संस्थान को सिंचा है और सफलता के परचम लहरा रहे हैं।

सीएचपी में भी किया गया ध्वजारोहरण

सीएचपी में आयोजित कार्यक्रम में प्रेसिडेंट एंड सीईओ माइंस ओमप्रकाश ने ध्वजारोहरण किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा कि उनके त्याग और बलिदान ने हमें स्वतंत्र भारत दिया है। यह दिन केवल अतीत को याद करने का नहीं बल्कि भविष्य के भारत के निर्माण में अपने योगदान का संकल्प लेने का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025- 26 में जिंदल पावर लिमिटेड के माइनिंग बिजनेस के इतिहास का अब तक का सर्वश्रेष्ठ वर्ष रहा है। हमारी दोनों खदानों गारेपेलमा 4/1 एवं गारेपेलमा 4/2-3 ने मिल कर 14.65 मिलियन टन का अब तक का सर्वाधिक कोयला उत्पादन किया। उन्होंने बताया कि गारेपेलमा 4/1 को लगातार तीसरी बार 5 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है

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