spot_img
spot_img
Friday, January 30, 2026

जूटमिल हत्याकांड में आरोपी दीपक यादव को आजीवन कारावास — मात्र एक साल एक माह में आया फैसला, न्यायालय ने दिया ऐतिहासिक निर्णय

spot_img
Must Read

रायगढ़, 7 नवंबर । जूटमिल निवासी रमेश तिवारी उर्फ बब्बू महाराज हत्याकांड में न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मात्र एक वर्ष एक माह के भीतर ही फैसला सुनाया गया। आज दिनांक 7 नवंबर 2025 को माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायगढ़ श्री जितेंद्र जैन के न्यायालय ने आरोपी दीपक उर्फ प्रकाश यादव पिता स्व. मिलाऊ राम यादव उम्र 42 वर्ष निवासी बाजीराव मोदहापारा थाना जूटमिल को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103, 309(6), 331(7) और 238 के तहत दोषसिद्ध पाते हुए हत्या एवं गृह-भेदन के अपराध में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।
मामले की संपूर्ण विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक मोहन भारद्वाज द्वारा की गई थी, जबकि अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक श्री पी.एन. गुप्ता ने प्रभावी पैरवी की। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं घटनाक्रम की श्रृंखला न्यायालय में पूर्णतः प्रमाणिक सिद्ध हुई, जिसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
उल्लेखनीय है कि 26 सितंबर 2024 की सुबह जूटमिल क्षेत्र के बाजीराव पारा स्थित गंधरी पुलिया के पास रहने वाले 62 वर्षीय रमेश तिवारी उर्फ बब्बू महाराज का शव उनके घर से बरामद हुआ था। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के मार्गदर्शन में एडिशनल एसपी आकाश मरकाम के साथ दो डीएसपी और लगभग 30 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने केवल 72 घंटे में इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई थी।
आरोपी दीपक यादव ने अपने मेमोरेंडम में स्वीकार किया था कि वह रुपए चोरी करने की नीयत से घर में घुसा था और पकड़े जाने के डर से बब्बू महाराज की हत्या कर दी। जांच टीम ने पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में सभी साक्ष्यों की कड़ी तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की, जो अभियोजन पक्ष के लिए निर्णायक सिद्ध हुई।
पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल ने कहा कि “केवल एक साल एक माह के भीतर इस गंभीर हत्याकांड में न्यायालय से आया यह फैसला पुलिस की तत्पर और सशक्त विवेचना का परिणाम है।” उन्होंने बताया कि जिले में गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को कठोर सजा दिलाई जा रही है।
नई भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत आया यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक उदाहरण है, जिसने यह साबित किया है कि अब अपराधियों को दंड से बचने का अवसर नहीं मिलेगा और पीड़ित पक्ष को शीघ्र न्याय मिल सकेगा।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
Latest News

राहुल गांधी ने संसद में हिंदुओं को हिसंक बताया था :- विकास केडिया

विकास केडिया ने दी कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव को सलाह..सवाल की बजाय माफी मांगे कांग्रेस रायगढ़ :- भाजपा महामंत्री विकास...

More Articles Like This

error: Content is protected !!