रायगढ़ / राजनीतिक गलियारों में बीते दो दशकों से शंकरलाल अग्रवाल कांग्रेस के लिए अनवरत कार्य कर रहे थे। निस्वार्थ भाव से, जन जन तक कांग्रेस की सरकार की हर योजनाओं को घर-घर गांव गांव तक पहुंच रहे थे।

जहां इस वर्ष विधानसभा चुनाव में उन्होंने टिकट की मांग आल्हा कमान से की थी लेकिन टिकट नहीं मिलने पर, अब निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है दूसरी ओर आम आदमी पार्टी से भी मैदान में शंकरलाल अग्रवाल को उतारने का बात हो रही है। यह बात किसी से छुपी नहीं है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शंकरलाल अग्रवाल की अच्छी खासी लोकप्रियता देखी जाती है। अगर कांग्रेस पार्टी से निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं। तो सियासी मैदान पर उतारना कहीं दोनों पार्टियों को महंगा ना पड़ जाए, वहीं भाजपा और कांग्रेस के लिए एक बार फिर विधानसभा चुनाव त्रिकोणीय हो जाएगा।








